Kavita Kosh

Get Kavita Kosh, Poems, Hasya Kavita, Indian Poets, Kabir, HarivanshRai Bachchan, Suryakant Tripathi Nirala, Premchand, Gulzar, Novels,Stories in Hindi

सूफ़ी दोहे / अमीर खुसरो – Amir Khusro Kavita

सूफ़ी दोहे / अमीर खुसरो – Amir Khusro Kavita रैनी चढ़ी रसूल की सो रंग मौला के हाथ। जिसके कपरे रंग दिए सो धन धन वाके भाग।। खुसरो बाजी प्रेम की मैं खेलूँ पी के संग। जीत गयी तो पिया मोरे हारी पी के संग।। चकवा चकवी दो जने इन मत मारो कोय। ये मारे […]

दोहे / अमीर खुसरो

दोहे / अमीर खुसरो अमीर खुसरो खुसरो रैन सुहाग की, जागी पी के संग। तन मेरो मन पियो को, दोउ भए एक रंग।। खुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी वा की धार। जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।। खीर पकायी जतन से, चरखा दिया जला। आया कुत्ता खा गया, तू बैठी ढोल बजा।। […]

कह-मुकरियाँ / अमीर खुसरो | Amir Khusro

कह-मुकरियाँ / अमीर खुसरो | Amir Khusro Amir Khusro १. खा गया पी गया दे गया बुत्ता ऐ सखि साजन? ना सखि कुत्ता! २. लिपट लिपट के वा के सोई छाती से छाती लगा के रोई दांत से दांत बजे तो ताड़ा ऐ सखि साजन? ना सखि जाड़ा! ३. रात समय वह मेरे आवे भोर […]

पहेलियाँ / अमीर खुसरो | Paheliyaan 

पहेलियाँ / अमीर खुसरो | Paheliyaan  Amir Khusro Poems in Hindi १. तरवर से इक तिरिया उतरी उसने बहुत रिझाया बाप का उससे नाम जो पूछा आधा नाम बताया आधा नाम पिता पर प्यारा बूझ पहेली मोरी अमीर ख़ुसरो यूँ कहेम अपना नाम नबोली उत्तर—निम्बोली २. फ़ारसी बोली आईना, तुर्की सोच न पाईना हिन्दी बोलते […]

Harivansh Rai Bachchan Poems | आत्मदीप

Harivansh Rai Bachchan Poems | आत्मदीप Harivansh Rai Bachchan Poems मुझे न अपने से कुछ प्यार, मिट्टी का हूँ, छोटा दीपक, ज्योति चाहती, दुनिया जब तक, मेरी, जल-जल कर मैं उसको देने को तैयार पर यदि मेरी लौ के द्वार, दुनिया की आँखों को निद्रित, चकाचौध करते हों छिद्रित मुझे बुझा दे बुझ जाने से […]

Harivansh Rai Bachchan Poems | आज फिर से

Harivansh Rai Bachchan Poems | आज फिर से Harivansh Rai Bachchan Poems आज फिर से आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ ।   है कंहा वह आग जो मुझको जलाए, है कंहा वह ज्वाल पास मेरे आए,   रागिनी, तुम आज दीपक राग गाओ; आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ ।   तुम […]

Harivansh Rai Bachchan Kavita | आदर्श प्रेम

Harivansh Rai Bachchan Kavita | आदर्श प्रेम Harivansh Rai Bachchan Kavita प्यार किसी को करना लेकिन कह कर उसे बताना क्या अपने को अर्पण करना पर और को अपनाना क्या गुण का ग्राहक बनना लेकिन गा कर उसे सुनाना क्या मन के कल्पित भावों से औरों को भ्रम में लाना क्या ले लेना सुगंध सुमनों […]

Harivansh Rai Bachchan Poems | चल मरदाने

Harivansh Rai Bachchan Poems | चल मरदाने Harivansh Rai Bachchan Poems चल मरदाने, सीना ताने, हाथ हिलाते, पांव बढाते, मन मुस्काते, गाते गीत । एक हमारा देश, हमारा वेश, हमारी कौम, हमारी मंज़िल, हम किससे भयभीत । चल मरदाने, सीना ताने, हाथ हिलाते, पांव बढाते, मन मुस्काते, गाते गीत । हम भारत की अमर जवानी, […]

Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi | प्रतीक्षा

Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi | प्रतीक्षा Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi मधुर प्रतीक्षा ही जब इतनी प्रिय तुम आते तब क्या होता?   मौन रात इस भान्ति कि जैसे, कोइ गत वीणा पर बज कर अभी अभी सोयी खोयी सी, सपनो में तारों पर सिर धर और दिशाओं से प्रतिध्वनियां जाग्रत सुधियों […]

Harivansh Rai Bachchan | साजन आ‌ए, सावन आया

Harivansh Rai Bachchan | साजन आ‌ए, सावन आया Harivansh Rai Bachchan अब दिन बदले, घड़ियाँ बदलीं, साजन आ‌ए, सावन आया। धरती की जलती साँसों ने मेरी साँसों में ताप भरा, सरसी की छाती दरकी तो कर घाव ग‌ई मुझपर गहरा, है नियति-प्रकृति की ऋतु‌ओं में संबंध कहीं कुछ अनजाना, अब दिन बदले, घड़ियाँ बदलीं, साजन […]

Kavita Kosh © 2018 Frontier Theme